न्यायिक पृथक्करण क्या है और यह तलाक से कैसे अलग है?
न्यायिक पृथक्करण क्या है भारत में विवाह को हमेशा एक धार्मिक और सामाजिक बंधन माना गया है। हिंदू मान्यता के अनुसार, विवाह ऐसा संस्कार है जो मृत्यु के बाद भी टूटता नहीं। लेकिन बदलते समय के साथ जब दांपत्य जीवन असहनीय हो जाए, तब कानून व्यक्ति को कुछ राहत देता है — तलाक (Divorce) और…