छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 2004 के पामगढ़ डिस्टिलरी हत्याकांड में सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने पाया कि गवाहों के बयान विरोधाभासी हैं और अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में नाकाम रहा। अदालत ने 2015 के ट्रायल कोर्ट के उम्रकैद के फैसले को रद्द करते हुए कहा कि केवल भीड़ में मौजूद रहना किसी को दोषी नहीं बनाता।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पलटा उम्रकैद का फैसला, पामगढ़ डिस्टिलरी हत्याकांड में सभी आरोपियों को बरी किया
Chhattisgarh High Court