Supreme Court of India

सुप्रीम कोर्ट 21 जनवरी 2026 को सुनेगा मृत्युदंड की फांसी प्रणाली पर याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह 21 जनवरी 2026 को उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें मृत्युदंड के दोषियों को फांसी देने की मौजूदा व्यवस्था को खत्म कर कम दर्दनाक विकल्प अपनाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने सुझाव दिया है कि “लीथल इंजेक्शन, गोली मारना, इलेक्ट्रोक्यूशन या गैस चैंबर” जैसे विकल्पों…

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सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के शिक्षकों की बर्खास्तगी रद्द की, कहा – बिना नोटिस दिए नए आरोप पर दंड देना ‘न्यायिक प्रक्रिया का उल्लंघन’

सुप्रीम कोर्ट झारखंड शिक्षक बर्खास्तगी फैसला सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में झारखंड के दो इंटरमीडिएट प्रशिक्षित शिक्षकों की बर्खास्तगी को रद्द कर दिया है। अदालत ने पाया कि शिक्षकों को ऐसे आरोप के लिए दंडित किया गया, जिसका उल्लेख उन्हें दिए गए कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) में कभी किया ही नहीं गया…

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सुप्रीम कोर्ट विचार कर रहा है न्यायाधीश पदोन्नति व वरिष्ठता पर बड़ा फैसला ?

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को यह गंभीर सवाल उठाया कि क्या देशभर के प्रवेश-स्तरीय न्यायिक अधिकारियों के लिए पदोन्नति के अवसरों में मौजूदा असमानता का समाधान निकट अवधि में एक बड़ी बेंच के जरिए करना चाहिए। पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ, जिसकी अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई कर रहे हैं, ने कहा कि यह विषय केवल…

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व्हाट्सएप या ईमेल से भेजा गया लीगल नोटिस अब कानूनी रूप से मान्य: भारतीय अदालतों ने दी डिजिटल मान्यता

आज के डिजिटल युग में लगभग हर प्रकार का संवाद ऑनलाइन हो गया है फिर चाहे वह व्यावसायिक लेन-देन हो या आधिकारिक पत्राचार। इसी तरह, कानूनी जगत ने भी तकनीकी बदलाव को अपनाना शुरू कर दिया है। अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या कोई व्यक्ति व्हाट्सएप या ईमेल के जरिए लीगल नोटिस भेज सकता…

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ड्राइवर का लाइसेंस एक्सपायर होने पर भी बीमा कंपनी तीसरे पक्ष को मुआवजा देने से इनकार नहीं कर सकती : सुप्रीम कोर्ट

मोटर दुर्घटना मुआवजा कानून पर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि बीमा कंपनी केवल इस आधार पर किसी तीसरे पक्ष के दावे को खारिज नहीं कर सकती कि दुर्घटना के समय वाहन चलाने वाले ड्राइवर का लाइसेंस समाप्त हो गया था। कोर्ट ने कहा कि बीमाकर्ता का पहला और…

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सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: बिहार में मतदाता सूची से हटाए गए लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता मिलेगी

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम आदेश में बिहार राज्य की सभी कानूनी सेवा प्राधिकरणों (Legal Services Authorities) को निर्देश दिया कि जिन मतदाताओं के नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, उन्हें निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए। यह आदेश उस…

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सुप्रीम कोर्ट : रिश्वत लेने पर विधायकों को नहीं मिलेगी संवैधानिक प्रतिरक्षा

सुप्रीम कोर्ट ने 4 मार्च 2024 को एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाते हुए स्पष्ट किया कि कोई भी सांसद या विधायक रिश्वत लेने या देने के मामले में संवैधानिक प्रतिरक्षा का दावा नहीं कर सकता। अदालत ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 105(2) और 194(2) में दी गई प्रतिरक्षा केवल वैध विधायी कार्यों के लिए है,…

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सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया मराठा आरक्षण कानून, कहा – 50% की सीमा नहीं तोड़ी जा सकती

नई दिल्ली, 5 मई 2021: सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग अधिनियम, 2018 (SEBC Act, 2018) को असंवैधानिक ठहराते हुए निरस्त कर दिया। इस कानून के तहत मराठा समुदाय को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ दिया गया था। अदालत ने कहा कि यह अधिनियम संविधान…

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सुप्रीम कोर्ट ने आधार अधिनियम की संवैधानिकता की समीक्षा याचिका खारिज की

नई दिल्ली, 20 जनवरी 2021: सुप्रीम कोर्ट ने बेघर फाउंडेशन बनाम जस्टिस के.एस. पुट्टस्वामी (सेवानिवृत्त) मामले में 2018 के आधार फैसले के खिलाफ दाखिल समीक्षा याचिकाओं को 4:1 के बहुमत से खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि केवल कानून में बाद में आए बदलाव या किसी बड़ी पीठ के निर्णय को आधार बनाकर समीक्षा…

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सुप्रीम कोर्ट में आपराधिक अवमानना की संवैधानिकता पर बहस : एन. राम, प्रशांत भूषण और अरुण शौरी की याचिका

सुप्रीम कोर्ट में एन. राम व अन्य बनाम भारत संघ (N. Ram & Ors v. Union of India) मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और न्यायालय की अवमानना की सीमाओं के बीच संतुलन से जुड़ा एक अहम संवैधानिक प्रश्न बन गया। यह मामला तब शुरू हुआ जब सुप्रीम कोर्ट ने अधिवक्ता प्रशांत भूषण और ट्विटर इंडिया के…

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